18 कट्ठा जमीन हड़पने के लिए जीवित मां को बेटे ने ही बता दिया मृत!

18 कट्ठा जमीन हड़पने के लिए जीवित मां को बेटे ने ही बता दिया मृत!

बेतिया । 18 कट्ठा 19 धुर जमीन के लिए चनपटिया प्रखंड के गिद्धा गांव के शिवपूजन महतो की पत्नी बुचुन देवी को बेटे ने ही मृत घोषित करवा दिया है। महिला जिंदा होने का प्रमाण पत्र लेकर सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगा रही है। बुचुन के आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पैन कार्ड सहित कई सरकारी दस्तावेज उसके जिंदा होने का प्रमाण दे रहे हैं। उन्हीं कागजात के आधार पर महिला कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन भी 17 जून 2021 को ले चुकी है। इसके बावजूद वह 33 साल से अपनी जमीन वापस पाने के लिए भटक रही है। बुचुन देवी अपने मायके घोघा में किसी तरह अपना जीवन-बसर कर रही है। बुचुन कहती है कि उसकी शादी शिवजून महतो से हुई है। उसे एक बेटा व एक बेटी है। बेटे के गलत संगत के कारण पति ने जमीन अपनी पत्नी के नाम कर दिया था, पर बेटे ने जमीन के लालच में 20 जनवरी 1987 को चनपटिया प्रखंड से बुचुन का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा दिया। उसके बाद महिला की सारी संपत्ति पर अपना कब्जा जमाकर उसे घर से निकाल दिया है। इस साजिश में बेटे का साथ बेटी ने भी दिया है।

पूर्व मुखिया ने भी बुचुन को माना है जीवित, दिया प्रमाण पत्र
गिद्धा पंचायत के पूर्व मुखिया कौशल्या देवी ने शिवपूजन महतो की 59 वर्षीय पत्नी बुचुन देवी उर्फ शिवकली देवी को जिंदा माना है। उन्होंने जिंदा होने का प्रमाण पत्र 9 मार्च 2019 को जारी किया है। अब सवाल यह उठता है कि जब मुखिया भी बुचुन को जिंदा मान रही हैं, तो सरकार क्यों नहीं कोई कार्रवाई कर रही है? बीडीओ मनुरंजन कुमार पांडेय ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर अभी मैं योगापट्टी प्रखंड में हूं। मामला मेरे पूर्व का है। ऐसे में इसमें मैं कुछ नहीं बोल सकता हूं। मामला सामने आने पर ही कुछ कहूंगा।

तत्कालीन बीडीओ, पंचायत सचिव की भूमिका संदिग्ध
बिना वेरिफिकेशन किए 20 जनवरी 1987 को चनपटिया प्रखंड कार्यालय की ओर से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया था। इसमें चनपटिया के तत्कालीन बीडीओ, पंचायत सचिव सहित अन्य की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। नियमों के तहत चनपटिया प्रखंड के पंचायत सचिव को स्पॉट पर जाकर मामले की जांच करनी होती है। उसके बाद प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू होती है। पंचायत सचिव के बाद राजस्व कर्मचारी, उसके बाद जेएसएस के प्रमाणित करने के बाद ही बीडीओ मृत्यु प्रमाण पत्र को जारी करते हैं।  

अगर चनपटिया प्रखंड में जिंदा महिला का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया गया है, तो यह काफी गंभीर मामला है। मामले की जांच कराई जाएगी। प्रमाण पत्र जारी करने में उसकी भी भूमिका होगी, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
-कुंदन कुमार, डीएम, बेतिया