10वीं क्लास की छात्रा के साथ गैंगरेप, हाथ-पैर और मुंह बांधकर 4 लड़कों ने किया बलात्कार, पुलिस की शर्मनाक करतूत आई सामने

10वीं क्लास की छात्रा के साथ गैंगरेप, हाथ-पैर और मुंह बांधकर 4 लड़कों ने किया बलात्कार, पुलिस की शर्मनाक करतूत आई सामने

छपरा । बिहार के छपरा जिले में 10वीं क्लास की एक लड़की के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई है। चार बदमाशों ने पीड़िता का हाथ, पैर और मुंह बांधकर बलात्कार किया। इस मामले में पुलिस की भी शर्मनाक करतूत का खुलासा हुआ है, जिसने घटना के चार दिन बाद भी पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज नहीं किया और न ही कोई कार्रवाई की।
घटना छपरा जिले के नगरा ओपी इलाके की है। यहां एक गांव में 19 अक्टूबर को 10वीं क्लास की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। बताया जा रहा है कि गांव के ही चार लड़कों ने सन्नू मियां, कैसर मियां, बाबू अली और साहेब अली ने हाथ, पैर और मुंह बांधकर पीड़िता के साथ गैंगरेप किया। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी और मौके से भाग निकले। लड़की वहीं बेहोश पड़ी रही।
बताया जा रहा है कि लड़की शौच के लिए घर से गई थी। जब बदमाशों ने उसके साथ गलत काम किया। काफी देर तक जब वह घर नहीं लौटी तो उसके परिजनों ने खोजबीन शुरू की। काफी ढूंढने के बाद पीड़िता एक खेत में बेहोशी की हालत में मिली। होश में आने के बाद उसने अपने घरवालों को पूरी आपबीती बताई। बताया जा रहा है कि पीड़िता के साथ 7 साल की उसकी एक भतीजी भी थी, जिसे सन्नू मियां, कैसर मियां, बाबू अली और साहेब अली ने बांध दिया था। 
घटना को लेकर पीड़िता ने 19 अक्टूबर को ही नगरा ओपी के पुलिस को सूचना दी। उसने आवेदन देकर इंसाफ की मांग की। लेकिन पुलिसवालों ने उसे झूठा आरोप लगाने की बात कहकर भगा दिया। पुलिसवालों ने उसे सुबह-शाम दौड़ाया। लेकिन उन्होंने एफआईआर दर्ज नहीं की। थक-हराकर पीड़िता जब 22 अक्टूबर को महिला थाने में शिकायत कराने जा रही थी। इस दौरान पुलिस को किसी तरह इसकी भनक लग गई।
पुलिस ने बीच रास्ते में पीड़िता को रोक लिया और उन्होंने एफआईआर दर्ज़ करने की बात कही। पीड़िता ने अपने आवेदन में सन्नू मियां, कैसर मियां, बाबू अली और साहेब अली को आरोपी बनाया है। पुलिस मामला दर्ज कर मेडिकल करने की तैयारी में जुटी हुई है।  नगरा ओपीध्यक्ष हरेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। सीनियर अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही है।