सेप्टिक टैंक में बिजली के बल्ब से रोशनी दिखा रहा था मकान मालिक, फिसला, टंकी में गिरा, लगा करंट, उसे बचाने में 4 की चली गई जान

सेप्टिक टैंक में बिजली के बल्ब से रोशनी दिखा रहा था मकान मालिक, फिसला, टंकी में गिरा, लगा करंट, उसे बचाने में 4 की चली गई जान

मधेपुरा के उदाकिशुनगंज की घटना, राजमिस्त्री, दो मजदूर एक ही परिवार के थे, सभी चाचा-भतीजे
मधेपुरा । मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल में शनिवार को एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे इलाके को दर्द में डूबो दिया। एक मकान में बने नए सैप्टिक टैंक की शटरिंग खुलवाने के दौरान मकान मालिक बिजली के बल्ब के साथ टैंक में गिर पड़ा।  बिजली के तार से टैंक के पानी में करंट फैला और मकान मालिक महेश्वर मंडल की मौत हो गई। उसे बचाने में राजमिस्त्री कूदा, उसकी भी जान चली गई। बाकी दो मजदूर भी बचाने को दौड़े, लेकिन करंट की चपेट में आने से बाकी दोनों ने भी दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों ने टंकी से पानी निकलवाया और इसके बाद चारों की लाश निकाली। एक साथ चार लाश निकली तो पूरे इलाके में मातम छा गया। 

घटना उदाकिशुनगंज के सिनवाड़ा की है। महेश्वर मंडल का नया मकान बनकर तैयार हुआ। इसी मकान में सैप्टिक टैंक बना था। शनिवार दोपहर सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोलने की तैयारी चल रही थी। 43 वर्षीय मकान मालिक महेश्वर मंडल अंदर राजमिस्त्री को रोशनी दिखाने के लिए बिजली के तार से लगे बल्ब को लेकर सीढ़ी पर बैठे थे। इसी बीच अचानक सीढ़ी से फिसले और पानी भरे टैंक में गिर पड़े। उनके हाथ से बिजली का बल्ब छूटा और टैंक के पानी में जा गिरा। करंट चालू था, इसलिए पलभर में ही पूरे टैंक में करंट फैल गया। इस करंट से महेश्वर मंडल की मौत हो गई। 

राजमिस्त्री अबल समेत तीन बचाने दौड़े, मिली मौत
मकान मालिक महेश्वर मंडल को बचाने राजमिस्त्री अबल किशोर सिंह गए। लेकिन 44 वर्षीय अबल भी करंट की चपेट में आ गए। इसके बाद 21 साल का नीतीश और 24 वर्ष का दीनानाथ भी करंट की चपेट में आ गया। सिनवाड़ा के ही उक्त तीनों करंट की चपेट में आए और मौत हो गई।  इसके 15 मिनट के बाद लोगों ने बिजली के तार हटाए। इसके बाद टैंक में पड़ी लाशों को ढूंढ़ने की कोशिश हुई। लेकिन अंदर अंधेरा और गहराई ज्यादा होने के कारण पानी में लाशें नजर नहीं आ रही थी। ऐसे में मशीन से पूरे टैंक का पानी निकाला। इसके बाद चारों की लाशें निकाली गईं। राजमिस्त्री अबल किशोर की सांस चल रही थी। तत्काल लोग उसे लेकर बेलदौर पीएचसी पहुंचे, लेकिन इस बीच अबल किशोर ने दम तोड़ दिया।  

एक ही परिवार के तीन लोगों की उठी लाश
दीनानाथ, नीतीश और राजिमस्त्री अबल किशोर एक ही परिवार के थे। अबल दीनानाथ का चाचा था और नीतीश दीनानाथ का चचेरा भाई है। करीब डेढ़ माह पहले ही सहरसा के मंगवार में दीनानाथ की शादी हुई थी। दीनानाथ अपने चाचा और चचेरे भाई नीतीश को बचाने में जुटा था। इसी क्रम में वह करंट की चपेट में आया और उसकी मौत हो गई। एक साथ अबल किशोर, नीतीश और दीनानाथ के घर लाश पहुंची तो पूरा मोहल्ला सदमे में डूब गया। पूरे परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। सीओ मनोरंजन कुमार मधुकर ने बताया, आपदा राहत कोष के तहत सहायता राशि दी जा सकेगी। पानी से भरे सेफ्टी टैंक में शटरिंग हटाने के दौरान  करंट से लोगों की मौत हुई है। यह आपदा में नहीं आती है।