सेक्स की नौकरी देने वाले रैकेट का खुलासा, अमीर औरतों को खुश कराने का चल रहा था धंधा, मर्दों को वेश्या बनाने वाले पांच गिरफ्तार

सेक्स की नौकरी देने वाले रैकेट का खुलासा, अमीर औरतों को खुश कराने का चल रहा था धंधा, मर्दों को वेश्या बनाने वाले पांच गिरफ्तार

नालंदा । बिहार में युवकों को शॉर्टकट तरीके से रुपया कमवाने का एक बड़ा और गंदा खेल चल रहा है। नालंदा जिले के बिहारशरीफ एक बार फिर से पुरुषों को वेश्या बनाने वाले धंधे का खुलासा हुआ है। नालंदा पुलिस ने जिगोलो बनाकर बड़े घरानों की औरतों से संपर्क कराने और उन्हें खुश कर मोटी रकम कमाने का झांसा देने वाले एक बड़े गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। 
घटना नालंदा जिले के लहेरी थाना इलाके की है। यहां भरावपर गोलक्ष्मी गली में पुलिस ने पुरुषों को मेल प्रास्टिच्यूशन में लाने और जिगोलो बनाकर सेक्स की नौकरी देने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 23 मोबाइल और हजारों रुपये भी बरामद किए गए हैं। ये लोग युवाओं को जिगोलो बनकर शॉर्टकट तरीके से ज्यादा पैसे कमाने का झांसा देते थे और वन टाइम रजिस्ट्रेशन के नाम पर मोबाइल बैंकिंग से ठगी करते थे। 
नालंदा के एसपी हरिप्रसाथ एस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर सदर डीएसपी डॉ. मो. शिब्ली नोमानी के नेतृत्व में छापेमारी की गई और मौके से पांच लोगों को धर दबोचा गया। गिरफ्तार लोगों की पहचान कतरीसराय के रहने वाले पिंटू कुमार और लक्ष्मण कुमार, गिरियक सकुचीसराय के रहने वाले मुकेश कुमार, शेखपुरा जिला के शेखोपुरसराय के रहने वाले गौतम कुमार और नवादा जिला के पकड़ीबरावां के रहने वाले किशोर कुमार के रूप में की गई है। इनके पास से 4 एटीएम कार्ड और ढेर सारे आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
नालंदा के सदर डीएसपी डॉ. मो. शिब्ली नोमानी ने बताया कि एसपी को मिले गुप्त सूचना के बाद उनके नेतृत्व में छापेमारी की गई। ठग धर्मेंद्र कुमार के मकान में किराया का फ्लैट ले ठगी की दुकान चला रहा था। गिरोह सेक्स की नौकरी देने के नाम पर युवाओं से ठगी करता था। पहले व्हाट्सएप पर एक ऑडियो क्लिप भेजा जाता था, जिसमें संपर्क करने के लिए इंडियन स्कॉट सर्विस, कॉल बॉय जॉब, ऑनलाइन सर्विस, इंडियन स्कॉट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड नाम के वेबसाइट पर संपर्क करने को कहा जाता था। 

डीएसपी डॉ. मो. शिब्ली नोमानी के मुताबिक गिरोह के जाल में फंसने वाले युवा उनके बेवसाइट से संपर्क करते थे। युवाओं को झांसा दिया जाता था कि अमीर औरतों को खुश करने पर मोटी रकम मिलेगी। जो लोग इस गैंग के झांसे में आ जाते हैं, उन्हें ये वन टाइम रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा जाता था। इसके लिए ये संबंधित युवक को मैसेज के जरिए एक बैंक अकाउंट नंबर देते हैं और उसमें हजारों रुपये ट्रांसफर कराने को कहते। रुपया ट्रांसफर होते ही ये पीड़ितों के नंबर ब्लाक कर देते थे। जांच से खुलासा हुआ कि गिरोह लाखों की ठगी कर चुका है।
गौरतलब हो कि इसी साल जुलाई महीने में भी दीपनगर थाना पुलिस ने दो ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया था, जो पुरुषों को मेल प्रास्टिच्यूशन में लाने और जिगोलो क्लब का सदस्य बनाने के नाम पर ठगी कर रहे थे। उस वक्त भी नालंदा के सदर डीएसपी डॉ. मो. शिब्ली नोमानी के नेतृत्व में ही कार्रवाई की गई थी। डीएसपी डा. शिब्ली नोमानी ने जुलाई में दीपनगर थाना क्षेत्र के मेघी के रहने अले प्रत्युष रंजन और अस्थावां थाना क्षेत्र के गोटिया के रहने वाले आकाश कुमार को दबोचा था।