श्रमजीवी एक्सप्रेस में शराब की तस्करी, बिहार में कई स्टेशनों पर डिलीवरी, बोगी में भी बेचने का शक, 11 गिरफ्तार

श्रमजीवी एक्सप्रेस में शराब की तस्करी, बिहार में कई स्टेशनों पर डिलीवरी, बोगी में भी बेचने का शक, 11 गिरफ्तार

बिहारशरीफ । सड़क मार्ग पर सख्ती बढ़ने के बाद धंधेबाजों ने रेल को शराब लाने का माध्यम बना लिया है। इसका खुलासा बिहारशरीफ रेल थाना पुलिस की छापेमारी से हुआ। एएलटीएफ यानि एंटी लिकर टास्क फोर्स की सूचना पर बुधवार को पुलिस ने हरनौत रेलवे स्टेशन पर छापेमारी कर दिल्ली से राजगीर आ रही श्रमजीवी एक्सप्रेस के पेंट्रीकार से अंग्रेजी शराब-बीयर की खेप बरामद की। मौके से कर्मियों समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जिसमें तीन पेंट्रीकार कर्मी बताए जा रहे हैं। बोगी से विभिन्न ब्रांडों की कुल 113 लीटर शराब-बीयर बरामद हुई। छापेमारी टीम में उत्पाद डीएसपी रामनरेश महतो, रेल थानाध्यक्ष विजय बहादुर राम, एएलटीएफ प्रभारी इंद्रजीत कुमार, उत्पाद दारोगा रश्मि आनंद समेत अन्य सुरक्षाकर्मी शामिल थे।
कौन-कौन हुआ गिरफ्तार
बेगूसराय को लाखों निवासी पेंट्री कार रसोइया पिंटू कुमार, यूपी निवासी चाय विक्रेता अजय कुमार, बेगूसराय निवासी रसोइया टुनटुन तांती, सरमेरा के मीरनगर निवासी बंटी कुमार, बख्तियारपुर निवासी मुन्ना कुमार, कमलेश कुमार, अर्जुन बसंल, हरनौत के श्रीचंदपुर निवासी रौशन कुमार, राजगीर के वार्ड संख्या-6 निवासी सुधीर कुमार, बक्सर निवासी विकास कुमार और शेखपुरा के उसोखर निवासी शिव गोपाल।
दिल्ली से राजगीर आ रही थी श्रमजीवी
रेल थानाध्यक्ष ने बताया कि सूचना के बाद दिल्ली से चलकर आने वाली श्रमजीवी के हरनौत पहुंचते ही उसके पेंट्रीकार को सुरक्षा कर्मियों ने घेर लिया। तलाशी लेने पर प्लास्टिक के थैलों में रखी अंग्रेजी शराब-बीयर बरामद हुई। पेंट्रीकार में सवार कुल 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। 3 लोग खुद को पेंट्रीकार कर्मी बता रहे हैं। जबकि, अन्य लोग शराब खरीदार और धंधेबाज। जांचोपरांत स्पष्ट होगा कि कितने लोग पैंट्रीकार कर्मी हैं।
ठेकेदार पर भी होगा केस 
रेल डीएसपी फिरोज आलम ने बताया कि पेंट्रीकार के ठेकेदार और प्रबंधक पर भी केस दर्ज किया जाएगा। गिरफ्तार लोगों में कितने कर्मी हैं, इसका खुलासा जांच से होगा। धंधेबाजों का नेटवर्क तगड़ा है। बताया जाता है कि लंबे समय से दिल्ली से शराब लाई जा रही थी। रेलकर्मियों की संलिप्तता की भी जांच होगी।
राजगीर-नालंदा में होनी थी डिलीवरी
गिरफ्तार लोगों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि खेप की डिलेवरी राजगीर-नालंदा में होनी थी। सूत्रों की मानें तो धंधेबाज सालों से ट्रेन द्वारा दूसरे राज्य से शराब खेप ला रहे थे। जिसकी भनक रेल पुलिस को नहीं थी। यह भी अंदेशा है कि ट्रेन के बिहार में इंट्री के बाद अन्य स्टेशनों पर भी शराब की डिलेवरी की जा रही थी। 
कई सफेदपोश धंधेबाज होंगे बेनकाब
श्रमजीवी ट्रेन से शराब खेप बरामद होने से नागरिक हैरान हैं। बुद्धिजीवी चर्चा कर रहे हैं कि इस केस की इमानदारी से जांच हो तो कई सफेदपोशों की गर्दन फंस सकती है। इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता बिहार के अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी शराब खेप उतारी जाती होगी। बरामद खेप राजगीर-नालंदा रेलवे स्टेशन पर उतरनी थी। बिना रेल कर्मियों के संलिप्तता के पेंट्रीकार में शराब लोड करना संभव नहीं है। 
शुरू हुई मामले की जांच 
गिरफ्तार लोगों में कुछ अपने को खरीदार बता रहा है। जिससे यह आशंका है कि पेंट्रीकार कर्मी ट्रेन की बोगियों में भी शराब बिक्री करते थे। हालांकि, पुलिस जांचोपरांत मामला स्पष्ट होने की बात कह रही है।