शराब तस्करी केस से आरोपियों का नाम हटाने के एवज में दारोगा ने मांगे पैसे, कहा- रेट फिक्स है!

शराब तस्करी केस से आरोपियों का नाम हटाने के एवज में दारोगा ने मांगे पैसे, कहा- रेट फिक्स है!

दरभंगा ।   दरभंगा में खाकी के एक बार फिर दागदार होने का मामला सामने आया है। यहां के घनश्यामपुर थाने के पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) रामप्रवेश राम पर केस से नाम हटाने और दूसरे केस में चार्जशीट दाखिल करने के एवज में रिश्वत मांगने का एक वीडियो वायरल हुआ है। मामला घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के नवटोल गांव का शराब तस्करी और मारपीट से जुड़ा है।
इस वीडियो में आरोपी रामप्रवेश राम तय रेट के हिसाब से 10,000 रुपये मंथली पैसा देने पर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने की बात कह रहे हैं। वो एक हाथ में नोटों की गड्डी पकड़ कर अभियुक्त को रोज देखने और गिरफ्तार नहीं करने का बात कहते हुए अभियुक्तों से घर पर चैन से आराम करने का बात कह रहे हैं।

वायरल वीडियो में दारोगा रामप्रवेश राम आरोपियों सोनू मंडल और राधे मंडल का नाम केस से हटाने तथा दूसरे कांड में चार्जशीट दाखिल करने के एवज में 10 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। 
केस से नाम हटाने को लेकर दारोगा ने मांगी रिश्वत

आरोपियों ने जब दारोगा से पैसों की डिमांड कम करने का आग्रह किया तो उन्होंने कहा कि रेट है, कम नहीं हो सकता है। उन्हें ऊपर तक पैसा देना होता है और मैनेज करना पड़ता है। इसलिए 10,000 रुपये दे दो, और चैन से घर पर रहो। चार्जशीट उनके पक्ष में कर दिया जाएगा। साथ ही केस से सोनू और राधे मंडल का नाम हटा दिया जाएगा और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। लेकिन दारोगा रामप्रवेश राम धमकी देते हुए डील के रुपये देने के बाद ही ऐसा करने की बात कहते नजर आ रहे हैं।
घनश्यामपुर थाना में कार्यरत पुलिस अवर निरीक्षक रामप्रवेश राम का रुपये लेकर चार्जशीट करने और केस से नाम हटाने का वीडियो वायरल होने से पुलिस की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में SDPO मनीष चंद चौधरी ने कहा कि मामले की जांच करने के बाद इसकी रिपोर्ट वरीय पदाधिकारी को सौंप दी गयी है। उन्होंने कहा कि किसी हालत में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।