शनिदेव खुश तो बदल जाएगा जीवन, 10 जून को है शनिदेव की जयंती

शनिदेव खुश तो बदल जाएगा जीवन, 10 जून को है शनिदेव की जयंती

पटना। न्याय के देवता, आत्म कल्याण के देवता, कलयुग के भगवान श्री शनि महाराज का जन्मोत्सव 10 जून 2021 गुरुवार को मनाया जाएगा । भगवान शनि सूर्य देव और छाया देवी के पुत्र हैं । भद्रा, यमुना और यमराज के भाई हैं। शनिदेव का नाम सुनते ही लोग आशंकित और भयक्रांत हो जाते हैं । लेकिन शनिदेव ना ही किसी के शत्रु हैं, ना ही किसी के मित्र । शनिदेव प्राणी मात्र के साथ न्याय करते हैं। उनके पाप कर्मों का फल भुगताकर उन्हें निष्पाप कर, परम सौभाग्य प्रदान करते हैं।
राजनीति पर भी शनि महाराज का विशेष प्रभाव होता है । शनि महाराज की 2 राशियां मकर और कुंभ हैं। शनि महाराज एक समय में 8 राशियों को प्रभावित करते हैं । गोचर में 3 राशियों पर साढ़ेसाती से, 2 राशियों पर ढैय्या से और 3 राशियों पर दृष्टि से, इस तरह से 8 राशियां शनि के प्रभाव में हमेशा रहती हैं।
शनिदेव हुए खुश तो बदल जाएगा आपका जीवन
संसार के सभी श्रेष्ठ व्यक्ति और बुद्धिजीवी शनिदेव की कृपा से ही उचित स्थान प्राप्त करते हैं, ऐसा भारतीय ज्योतिष का मत है । भगवान श्री शनिदेव की कृपा आप पर रही तो आपका जीवन बदल जाएगा। इसके लिए कुछ उपाए जरूरी हैं। इसे जीवन में अपनाकर शनिदेव की कृपा हासिल कर सकते हैं। कई धर्म ग्रंथों के मतानुसार शमी, पीपल के पौधे को धरती पर रोप कर ,उसकी देखरेख कर, उसे बड़ा करें। इन दोनों वृक्षों की पूजा और सेवा से भी शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।
इस समय किस गोचर में तीन राशियों पर साढ़ेसाती…. धनु, मकर, कुंभ
इस समय किस गोचर की दो राशियों पर ढैय्या…मिथुन और तुला
शनिदेव को कैसे प्रसन्न करें
– अपने घर पर ही सरसों के तेल का दीपक लगा पौराणिक शनि मंत्र का जाप करें
इस मंत्र का जाप करें…नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम
छाया मार्तंडसंभुतम तं नमामि शनैश्चरम
इसे भी अपनाएं
उड़द के आटे, गुड़ और सरसों के तेल के गुलगुले (पुए) और जामुन फल का भोग लगाएं। प्रसाद ग्रहण करें। इस प्रसाद का एक भाग किसी गरीब व्यक्ति को भी दें । शनिदेव की प्रसन्नता के लिए काला छाता, जूते, चप्पल, सरसों का तेल, काला नमक, काले उड़द, देसी चने, भिखारियों में बांटे।
यह उपाए भी भगवान शनिदेव को करेगा प्रसन्न
शनिदेव की प्रसन्नता के लिए सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करें। शनिदेव के जन्मदिवस पर यह संकल्प करें कि हम शाकाहारी बनेंगे । हम पर्यावरण की रक्षा करेंगे। वृक्ष लगाएंगे । राष्ट्रहित में, जन सेवा में सदैव कार्य करेंगे
10 जून 2021 को जेष्ठ कृष्ण पक्ष, अमावस्या गुरुवार सूर्य ग्रहण
यह ग्रहण भारत में कहीं भी दृश्य नहीं होगा। इसकी कोई धार्मिक मान्यता नहीं होगी। इसमें किसी भी प्रकार का यम-नियम और सूतक आदि मान्य नहीं होगा। यह ग्रहण विदेशों में दिखेगा। उत्तरी अमेरिका, उत्तरी एशिया, यूरोप, कनाडा का उत्तर-पूर्वी भाग, चीन के पश्चिम भाग में यह ग्रहण दिखेगा।