शॉकिंग: दुर्गा मां की पूजा कर रहे थे पति-पत्नी, दोनों को तलवार से काट डाला, गर्भ में पल रहे बच्चे को भी नहीं छोड़ा

शॉकिंग: दुर्गा मां की पूजा कर रहे थे पति-पत्नी, दोनों को तलवार से काट डाला, गर्भ में पल रहे बच्चे को भी नहीं छोड़ा

माता-पिता का कत्ल करने के बाद हमलावर मासूम को भी मारना चाहते थे
पिछले आठ वर्षों से न्यायालय में चल रहा है दोनों में भूमि विवाद का मामला
वैशाली । बेलसर ओपी क्षेत्र  के जारंग रामपुर चौक पर शनिवार को अलसुबह बच्चा का मैला घर के पिछवाड़े खेत में फेंकने पर जालिमों ने पति-पत्नी की तलवार से काटकर हत्या कर दी। उन दोनों की हत्या के बाद उन हमलावरों ने मृतक के मासूम बच्चा की भी हत्या कर देने के लिए घर से उठाया पर ग्रामीणों ने हाथ से बच्चा छीन लिया। मृतक जारंग रामपुर  गांव निवासी लालबाबू ठाकुर का पुत्र शशिकांत विश्वकर्मा व उसकी पत्नी संगीता देवी है। संगीता गर्भवती थी। इस तरह हमलावरों ने एक साथ तीन जानें ली है।

बताया गया कि मृतक के पिता लालबाबू और उसके पट्टीदार हरिनारायण ठाकुर के बीच जारंग चौक स्थित एक बीघा में बने मार्केट को लेकर लम्बे समय से विवाद चला आ रहा है। भले ही जमीनी विवाद इन परिवारों के बीच पुराना हो लेकिन शनिवार की घटना का कारण प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अहले सुबह शशि कांत का नन्हा पुत्र लखन ने घर में पुट्ठी कर दी थी। शशिकांत की पत्नी मल काटकर घर के पीछे फेंक दी। टट्टी का कुछेक हिस्सा हरिनारायण के कब्जे वाली जमीन में चला गया। इसी बात पर कहासुनी शुरू हुई। बताया गया कि उधर से गालियां दी जा रही थी, जब बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया तब शशिकांत हंसिया लेकर उन्हें देख लेने को ललकारने लगा। हरिनारायण व उसके पुत्रों ने कई तलवार लेकर अकेले शशिकांत पर टूट पड़ा। बचाने आई पत्नी पर भी अंधाधुंध घातक वार कर कत्ल कर दिया।

सामूहिक रूप से किया गया हमला
रिश्ते में मृतक के लगने वाले चाचा हरिनारायण ठाकुर, उसकी पत्नी चन्द्रावती देवी, पुत्र किशन, धीरज ने सामूहिक रूप से हमला कर शशिकांत एवं उसकी पत्नी की हत्या की। चारों ओर खून ही खून बह रहा था। बताया गया कि शशिकांत द्वारा खुद के बचाव व प्रतिघात में हरिनारायण व उसकी पत्नी चन्द्रावती देवी भी जख्मी हो गए। ग्रामीणों ने उन दोनों को इलाज के लिए हाजीपुर भेज दिया है। जहां उसकी भी हालत गंभीर है। कुछ ग्रामीणों का यह भी कहना है कि शशिकांत ने ही रिश्ते में लगने वाले चाचा हरिनारायण व उसकी पत्नी चंद्रावती पर पहला अटैक किया था जिसमें वे दोनों घायल हुए। उसके बाद उनके पुत्रों ने तलवार और तेज धारदार हथियार से शशिकांत और उसकी पत्नी संगीता, गर्भ में पल रहे बच्चा के प्रति जरा भी रहम नहीं दिखाते हुए बेरहमी से कत्ल कर दिया।

ग्रामीणों ने जालिम से बच्चों को छीना
ग्रामीणों ने बताया बेरहमी से हत्या करने के बाद भी जालिमों का गुस्सा ठंडा नहीं हुआ। मृतक के दोनों अबोध बच्चों वीर और लख्खी को भी उठा ले जाकर हत्या करना चाहा पर ग्रामीणों ने एक साथ धावा बोलकर उनके हाथ से दोनों बच्चों को छीन लिया। ग्रामीणों से मिली सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेज दिया है। घटनास्थल पर बेलसर ओपी के अलावा वैशाली, लालगंज, करताहा थाना की पुलिस भी पहुंच गयी। खुद एसडीपीओ सदर राघव दयाल भी पहुंचे राघव ने बताया कि यह जमीन विवाद को लेकर हत्या का मामला है। मामले की जांच कई तरीके से की जा रही है। मृतक के दादी दया देवी को फिलहाल हिरासत में ले लिया गया है।
संपत्ति के लिए थी दुश्मनी
मृतक के दादा राजेन्द्र ठाकुर व उसका पट्टीदार ही जारंग चौक का मालिक था। चौक के पास करीब 12 बीघा जमीन इन्ही लोगों की थी। काफी जमीन बिक चुकी है। बची जमीन में राजेंद्र ठाकुर के तीन पुत्रों में दो पुत्र को दिया। राजेन्द्र ठाकुर की मृत्यु हो चुकी है। राजेन्द्र ठाकुर की पत्नी व मृतक के दादी दया देवी अपने दो पुत्र लखन ठाकुर एवं हरिनारायण ठाकुर को ही सिर्फ जमीन लिखी थी। वहीं शशिकांत के पिता लालबाबू ठाकुर को जमीन नहीं लिखा। इसी को लेकर हमेशा विवाद हो रहा था जो पिछले आठ वर्षों से न्यायालय में चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया राजेन्द्र ठाकुर के पुत्र लालबाबू ठाकुर की पत्नी मर गयी थी। लालबाबू ने दूसरी शादी की, इसलिए उसके पिता नाराज हो गए व हिस्से की जमीन नहीं दी।

हाल ही में घर आया था शशिकांत
दुर्गा पूजा घर के पास मार्किट में होता है इसलिये तीन दिन पहले ही शशि दरभंगा से अपने घर सपरिवार आया था। दरभंगा में ही रहकर बढ़ई का काम करता था। उसका तीन साल एवं दो साल का दो बेटा भी है। पड़ोसियों ने बताया कि मृतका संगीता देवी पांच माह की गर्भवती भी थी। दस साल से उनलोगों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।