लॉकडाउन में दवा खरीदने वालों पर भी बीडीओ और सीओ बरसवा रहे डंडे, एक का हाथ टूट

लॉकडाउन में दवा खरीदने वालों पर भी बीडीओ और सीओ बरसवा रहे डंडे, एक का हाथ टूट

उदाकिशुनगंज। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने लॉकडाउन लगाया है। इस बीच जरूरी काम के लिए सरकार ने सुबह 7 बजे से सुबह 11 बजे तक लोगों को रियायतें भी दी हैं। लेकिन दवा, जरूरी मेडिकल सुविधाओं के लिए इजाजत की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज में अफसरों की तानाशाही जमकर चल रही है। दवा दुकान पर खरीदारी करने गए लोगों को भी प्रशासन पीट रही है। ताजा मामला गुरुवार को सामने आया, जब उदाकिशुनगंज के वार्ड-10 के गोपाल कुमार साह की अफसरों ने पिटाई करवा दी।

गोपाल कुमार साह पिता स्व. शिवचरण साह सुबह 11.40 बजे दवा लेने के लिए मेडिकल स्टेार पर गए थे। इसी बीच अचानक प्रशासन की गाड़ी आई। बिना पूछताछ किए ही अफसरों ने लाठी बरसाने के आदेश दे दिए। गोपाल ने बताया, कई दिन से बीमार हूं। दवा लेने मेडिकल स्टोर गया था। इसी बीच अफसरों ने लाठियां चलवा दी। लाठी उनके हाथ पर पड़ी और हाथ टूट गया।

मधेपुरा किया रेफर, हो रहा इलाज

गोपाल कुमार साह का हाथ टूटने के बाद उसे उदाकिशुनगंज में स्थानीय डॉक्टरों से दिखाया गया। लेकिन डॉक्टर ने उसे मधेपुरा रेफर कर दिया। गोपाल का मधेपुरा में इलाज चल रहा है।

सीओ और बीडीओ पर लग रहे हैं आरोप

लोगों का कहना है कि सीओ विजय कुमार राय और बीडीओ प्रभात केसरी के आदेश पर पुलिस ने लाठियां चलाई। खुद गोपाल कुमार ने भी सीओ और बीडीओ पर लाठी चलवाने का आरोप लगाया। गोपाल के अनुसार, पुलिस ने बेरहमी से डंडे बरसाए और जख्मी कर दिया। इस घटना से लोगों में खासा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि प्रशासन मनमानी कर रहा है।

दो दिन पहले जनप्रतिनिधियों को भी दौड़ाकर पीटा

बता दें कि उदाकिशुनगंज चौक से बैंक चौक, फुलौत चौक, एसबीजेएस हाईस्कूल मैदान तक लोगों को प्रशासन ने पिटवाया है। पुलिस ने जनप्रतिनिधियों को भी नहीं छोड़ा। इतना ही नहीं, बीडीओ प्रभात केसरी और सीओ विजय कुमार राय ने बीआरसी ऑफिस के अंदर से बुलाकर आदेशपाल राजीव कुमार को भी सरकारी कर्मियों के साथ गंदी-गंदी गालियां तक दी है। दोनों अफसरों पर यह भी आरोप है कि उनहोंने बदसलूकी भी की।

हम लोगों ने लाठीचार्ज नहीं करवाया है। आप फिर से गोपाल साह से बात कीजिए।
– विजय कुमार राय, सीओ

मामले में बीडीओ प्रभात केसरी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।