मॉब लिंचिंग : पेट्रोल छिड़क जिंदा जलाया, महिला तालाब में कूदी तो, पत्थर से कूच मार डाला

मॉब लिंचिंग : पेट्रोल छिड़क जिंदा जलाया, महिला तालाब में कूदी तो, पत्थर से कूच मार डाला

नवादा । नवादा में रोंगटे खड़े कर देने वाली हैवानियत सामने आई। डायन करार दे कर एक महिला के शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। महिला जान बचाने के लिए तालाब में कूद गई लेकिन उसकी जान नहीं बच पाई। लोगों ने तालाब में ही उसे ईंट-पत्थर से कूच-कूच कर मार डाला। घटना नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र के पहाड़ी इलाके में बसे चटकरी गांव की है। गुरुवार की शाम डायन बताकर एक महिला की बेदर्दी के साथ मॉब लिंचिंग कर दी गई। गांव में 3 दिन पहले एक व्यक्ति की बीमारी से मौत हो गई थी। इस मौत का इल्जाम महिला पर यह कह कर लगाया गया कि वह डायन है और उसने जादू टोना करके ऐसा किया है। मृतक युवक के परिजनों और कुछ ग्रामीणों ने मौत का जिम्मेदार मानते हुए महिला के साथ पहले मारपीट की और फिर पेट्रोल छिड़ककर महिला के शरीर में आग लगा दिया। जान बचाने के लिए महिला गांव के पास के एक तालाब में कूद गई। आग तो बुझ गई लेकिन भीड़ ने उसे ईंट पत्थर से कुछ कर मार डाला। मृतक महिला की बहन व बहनोई ने रजौली थाना पहुंचकर पुलिस को घटना की सूचना दी है। घटनास्थल रजौली से करीब 60 किलोमीटर दूर पर है और वहां जाने के लिए झारखंड के रास्ते जाना पड़ता है लिहाजा देर रात में थानाध्यक्ष दरबारी चौधरी के नेतृत्व में रजौली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची है।
मृतक महिला अपने पति, दो पुत्र और एक पुत्री के साथ अपना जीवन बसर कर रही थी। बीते तीन दिन पूर्व गांव के ही सोहर सिंह के पुत्र बब्लू सिंह की मृत्यु हो गई थी। बब्लू सिंह की मौत के बाद उसके परिजनों ने महिला पर जादू टोना करने का आरोप लगाते हुए उसे बबलू की मौत का जिम्मेदार ठहराया। इसी के बाद से गांव में तनाव व्याप्त था। गांव के अन्य ग्रामीण गौतम सिंह की पत्नी के लंबे समय से बीमार रहने का भी जिम्मेदार इसी महिला को माना जा रहा था। सब बातों को लेकर गुरुवार को लोगों ने हैवानियत की हद पार कर ली। गुरुवार को दोपहर तीन बजे विजय सिंह सहित दर्जनों लोगों ने महिला के घर को घेर लिया तथा गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। इससे भी मन नहीं भरा तो पेट्रोल एवं किरोसिन तेल छींटकर आग लगा दिया। आग लगने के बाद महिला चीखती चिल्लाती रही लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की तो अंत में तालाब में जा कूदी। तालाब में कूदने के बाद लोगों ने ईट पत्थर बरसाना शुरू किया।
बेदर्दी से हत्या की जा रही थी तब भी गांव के लोग चुप रहे
बताया जाता है कि बीते दो-तीन सालों से महिला को डायन कह कर प्रताड़ित किया जा रहा था। गांव में जब कोई भी बीमार पड़ता है या किसी की मौत होती तो उसका जिम्मेवार महिला को ही बताया जाता था। यही कारण है कि जब उसकी बेदर्दी से हत्या की जा रही थी तब भी गांव के लोग चुप रहे। जानकारी के अनुसार गांव में एक युवक की मौत हुई थी। इसके अलावा एक महिला बीमार भी थी। इन सभी का जिम्मेवार मानते थे।
महिला के घर पर हमला हुआ
महिला के घर पर हमला हुआ। इसमें गांव के सैकड़ों लोग मौजूद थे। पहाड़ी व जंगली इलाके में आज भी लोग रोग-बीमारी को भूत-प्रेत, डायन-कमायन, ओझा-गुनी की करनी मान इस प्रकार की घटना को अंजाम देते हैं। जिस समय घटना को अंजाम दिया गया उस समय गांव के सैकड़ों लोग मौजूद थे लेकिन किसी ने इस घटना को रोकने की हिम्मत नहीं की। घटना में सभी का मौन समर्थन था।
लोग महिला को तब तक पत्थर मारते रहे जब तक वह मर नहीं गई। मृतका के पास के गांव गोरियाडही के कुछ लोगों ने घटना को अंजाम दिया। मृतका की बहन के अनुसार करीब 50 की संख्या में रहे लोगों ने छेककर पेट्रोल छिड़कर आग लगाया। बीच-बचाव करने पर बहन-बहनोई के साथ मारपीट की गई। उसके कपड़े फाड़ दिए गए। किसी प्रकार दोनों वहां से भागकर रजौली थाना पहुंचे और पुलिस को बताया।