मधेपुरा के कुमारखंड में मंझले बेटे से थी अनबन, मचान पर सोए बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या

मधेपुरा के कुमारखंड में मंझले बेटे से थी अनबन, मचान पर सोए बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या

मधेपुरा । श्रीनगर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर भगवती पंचायत स्थित अमजल टोला वार्ड संख्या-15 में घर के सामने बने मचान पर सोए बुजुर्ग की अज्ञात अपराधियों ने गुरुवार रात लगभग दो बजे गोली मार कर हत्या कर दी। गोली गले से ऊपर लगी, लिहाजा घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। बाइक सवार अपराधी घटना को अंजाम देकर फरार हो गए। हत्या की जानकारी मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। इसके बाद घटना की सूचना श्रीनगर थाना को दी गई। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे थानाध्यक्ष रमेश कुमार ने परिजनों से पूछताछ की तथा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, मधेपुरा भेज दिए। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। 
जानकारी के अनुसार लक्ष्मीपुर भगवती पंचायत स्थित अमजल टोला निवासी हाजी मोहम्मद हनीफ (80) अपने सबसे छोटे पुत्र मोहम्मद हमीद के घर खाना खाकर मचान पर सोए हुए थे। रात करीब दो बजे अज्ञात बाइक सवार हथियारबंद अपराधी आए और उन्हें गले से ऊपर मुंह के पास गोली मार दी। इसके कारण मौके पर ही बुजुर्ग की मौत हो गई। घटना की जानकारी परिजनों को रात करीब तीन बजे के आसपास हुई। घटना के पीछे की सही जानकारी पीड़ित परिजन द्वारा अभी तक पुलिस को नहीं दी गई है।

मंझले बेटे से काफी दिनों से था अनबन
 दबी जुबान से ग्रामीणों ने बताया कि मृतक हाजी हनीफ अपने छोटे पुत्र हमीद के साथ ही रहा करते थे। उनके दो अन्य बेटे अपने परिवार के साथ अलग-अलग रहते हैं। जिसमें बड़ा बेटा का नाम मोहम्मद तमीज और मंझले बेटे का नाम मोहम्मद इस्लाम बताया जा रहा है। मो. हनीफ द्वारा अपने छोटे बेटे के पुत्र मोहम्मद सदरे आलम के नाम अपना वसीयत लिखने और कुछ जमीन रजिस्ट्री करने की बात ग्रामीण बता रहे हैं। जिसके कारण मंझले बेटे मोहम्मद इस्लाम के साथ खासकर काफी दिनों से अनबन चल रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि वृद्ध की हत्या के पीछे पारिवारिक या संपत्ति विवाद हो सकता है। पुलिस के समक्ष छोटे पुत्र मोहम्मद हमीद ने भी संपत्ति विवाद को ही हत्या का कारण बताया। थानाध्यक्ष  ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी तक पीड़ित परिजन के द्वारा आवेदन या फर्द बयान नहीं दिया गया है। फिलहाल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आवेदन या बयान मिलने के बाद केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।