मुखिया पद पर कब्जे के लिए नई हरकत, 9 पोते-पोती और 6 नाती-नातिन वाले बुजुर्ग ने की कुंवारी लड़की से शादी

मुखिया पद पर कब्जे के लिए नई हरकत, 9 पोते-पोती और 6 नाती-नातिन वाले बुजुर्ग ने की कुंवारी लड़की से शादी

अररिया । बिहार में अभी पंचायत चुनाव चल रहे हैं। इस चुनाव में मुखिया जैसे मलाईदार पद पर कब्जा करने के लिए लोग ऐसे-ऐसे कारनामे कर रहे हैं कि आप हैरान हो जायेंगे। अररिया में 63 साल के एक बुजुर्ग ने सिर्फ इसलिए नया निकाह कर लिया कि मुखिया पद पर उसके घर का ही कब्जा बना रहे। बुजुर्ग व्यक्ति के 15 पोते-पोतियां औऱ नाती-नातिन हैं। घर में बुजुर्ग बीबी भी है लेकिन फिर भी नई शादी रचा ली।
मुखिया पद कब्जाने के लिए करतूत देखिए
अररिया जिले के सिकटी प्रखंड में पड़रिया पंचायत है। वहां से पंचायत समिति के सदस्य रहे हैं मो. जैनुद्दीन। वे इस दफे पंचायत के मुखिया पद पर कब्जा करना चाहते थे। लेकिन रास्ते में बड़ी बाधा खडी थी। सरकार ने उस पंचायत को अति पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए रिजर्व कर दिया था। मो. जैनुद्दीन अति पिछड़ा वर्ग से नहीं आते। लिहाजा उनके परिवार का कोई दूसरा सदस्य भी अति पिछड़ा वर्ग कोटे मे नहीं आ रहा था।
ऐसे में मो. जैनुद्दीन ने नया रास्ता निकाला। 63 साल के जैनुद्दीन ने पंचायत चुनाव से पहले एक कुंवारी लड़की से दूसरी शादी कर ली। उन्होंने अति पिछड़े वर्ग से आने वाली साहिरा खातुन नामक महिला से शादी कर ली है। शाहिरा खातुन अति पिछड़े वर्ग से आती हैं औऱ सरकारी नियमों के मुताबिक शादी के बावजूद महिला की वही जाति मानी जाती है जो उसके पिता की होती है। यानि जैनुद्दीन से निकाह के बावजूद शाहिरा खातुन अति पिछड़े वर्ग की ही मानी जायेगी और मुखिया चुनाव लड़ सकेंगी।
घर में पत्नी से लेकर नाती-पोते का बड़ा परिवार
मो. जैनुद्दीन की पहली पत्नी उनके साथ रहती हैं। उन्हें 3 बेटे औऱ 4 बेटियां हैं। 9 पोता-पोती औऱ 6 नाती-नातिन है। फिर भी उन्होंने दूसरा ब्याह रचाया है। मो. जैनुद्दीन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी सीट अति पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित हो गया था। ऐसे में वे या उनके परिवार का कोई दूसरा सदस्य चुनाव नहीं लड सकता था। मुखिया चुनाव जीतने के लिए उन्होंने दूसरा निकाह रचाया है।
इससे पहले के मुखिया ने ऐसा ही किया था
वैसे अऱरिया के पडरिया पंचायत के लिए ये कोई नया वाकया नहीं है। पिछले पंचायत चुनाव में ही मुखिया का पद अति पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित हो गया था। उससे पहले वहां के मुखिया मो. ताहिर थे औऱ आऱक्षण के कारण वे चुनाव लडने से अय़ोग्य हो गये थे। 2016 के पंचायत चुनाव से पहले 64 साल के मो. ताहिर ने जवान महिला नसीमा से निकाह कर लिया था। नसीमा अति पिछडे तबके से आती है। निकाह के वक्त शर्तनामा तैयार किया गया था कि अगर नसीमा चुनाव जीत जाती है तो वह मो. ताहिर की पत्नी बन जायेगी। अगर वह चुनाव हार गई तो मो. ताहिर उसे पांच बीघा जमीन देकर अलग कर देगा। नसीमा भारी वोटों से चुनाव जीत गई औऱ मो. ताहिर की पत्नी बन कर रही है। वही पंचायत की निवर्तमान मुखिया है।