बिहार स्वास्थ्य विभाग का गजब कारनामा, पीएम मोदी, सोनिया गांधी, प्रियंका चोपड़ा, ऐश्वर्या राय, कैटरीना कैफ को दे दिया कोरोना वैक्सीन

बिहार स्वास्थ्य विभाग का गजब कारनामा, पीएम मोदी, सोनिया गांधी, प्रियंका चोपड़ा, ऐश्वर्या राय, कैटरीना कैफ को दे दिया कोरोना वैक्सीन

अरवल। आम तौर पर देशवासी यही जानते हैं कि पीएम नरेन्द्र मोदी का निवास स्थान नई दिल्ली के 7 लोककल्याण मार्ग है तो सोनिया गांधी का 10 जनपथ और होम मिनिस्टर अमित शाह कृष्ण मेनन लेन नई दिल्ली का है। लेकिन अरवल जिले के सरकारी रिकार्ड में पीएम मोदी करपी के दोर्रा व पुरान गांव के निवासी हैं तो अमित शाह का भी पुरान में ही आवास बताया गया है जबकि सोनिया गांधी व राहुल गांधी को जोन्हा गांव के निवासी बताए गए हैं। यही नहीं इसके अलावा प्रियंका चोपड़ा, कैटरीना कैफ व ऐश्वर्या राय को भी प्रखंड के विभिन्न गांवों का निवासी बनाते हुए सरकारी रिकार्ड में उन्हें करपी के सामुदायिक केन्द्र में वैक्सीनेटेड होने की बात सामने आई है। हालांकि रिकार्ड में गत 27 अक्टूबर को ही उक्त दिग्गज हस्तियों को यहां वैक्सीनेट किए जाने का रिकार्ड दर्ज किया गया है लेकिन मामला अब निकलकर सामने आया है। ऐसा नहीं कि इस मामले को किसी बाहरी ने उजागर किया है बल्कि यह सनसनीखेज मामले का खुलासा विभाग के अंदर आपसी क्लैश ऑफ इंटरेस्ट में उभरकर सामने आया है। दरअसल यह पूरा मामला अरवल जिले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करपी से जुड़ा है, जहां इस खुलासे के बाद व्यापक रूप से फर्जीवाड़े की आंशका व्यक्त की जा रही है। इसके बाद वैक्सीनेशन की पूरी सूची की प्रमाणिकता ही सवालों के घेरे में आ गई है। लोगों का कहना है कि करपी में मिले रैपिड एंटीजन टेस्ट किट, आरटीपीसीआर जांच के नाम पर सैकड़ों लोगों का नाम फर्जी तरीके से डाल दी गई, जिनके नाम और मोबाइल नंबर की कायदे से जांच करने के बाद सूची में फर्जीवाड़ा उजागर हो सकता है।

अधिकारियों ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मियों पर मढ़ा दोष
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कुछ भी कहने से सीधे तौर पर बच रहे हैं लेकिन करपी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने इस गंदे खेल में गेंद डाटा इंट्री के एक आउटसोर्सिंग एजेंसी पर डालकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की है। चिकित्सा पदाधिकारी डा.शशिकांत ने एक लिखित सफाई देते हुए उल्लेख किया है कि बिहार सरकार व स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कोरोना के जांच व वैक्सीनेशन के लिए अधिकृत उर्मिला इंटरनेशनल सर्विसेज नामक एक एजेंसी के द्वारा नियुक्त डाटा इंट्री कर्मियों ने मूल व असली सूची से डाटा में जानबूझकर छेड़छाड़ कर पूरे विवाद को पैदा किया है।

गड़बड़ी सामने आने के बाद ही डाटा इंट्री आपरेटर की सेवा समाप्त कर दी गयी थी। लेकिन हमने दोषियों के खिलाफ एफआईआर करने का आदेश दिया गया है। सरकार ऐसे मामलों को हल्के में नहीं ले सकती। 
-मंगल पांडेय, स्वास्थ्य मंत्री