बिहार पंचायत चुनाव : नामांकन करने पहुंची भाभी की मांग में देवर ने भर दिया सिंदूर, प्रखंड कार्यालय के बाहर की शादी

बिहार पंचायत चुनाव : नामांकन करने पहुंची भाभी की मांग में देवर ने भर दिया सिंदूर, प्रखंड कार्यालय के बाहर की शादी

जहानाबाद । बिहार में पंचायत चुनाव का दौर शुरू हो गया है। तरह-तरह के नजारे सामने आ रहे हैं। लेकिन जहानाबाद के घोषी प्रखंड मुख्यालय पर आज जो हुआ उसे देखने वाले ही नहीं बल्कि जिसने भी सुना वह हैरान रह गया। नामांकन करने पहुंची एक महिला को समर्थक माला पहना रहे थे लेकिन वहां मौजूद देवर ने अपनी भाभी की मांग में सिंदूर भर दिया। दोनों ने वहीं शादी करने का ऐलान भी कर दिया।
देवर-भाभी की शादी पर समाज ने दी शाबासी
प्रखंड कार्यालय में देवर-भाभी की शादी हो गयी। देवर ने विवाह मंडप के बजाय सरकारी दफ्तर में भाभी की मांग में सिंदूर भर दिया लेकिन वहां मौजूद लोगों ने दोनों को शुभकामनायें दी। देवर को खास तौर पर शाबासी दी कि उसने ऐतिहासिक काम किया है। वाकई आप भी पूरी कहानी जानेंगे तो देवर की तारीफ ही करेंगे।

दरअसल नामांकन करने आई जिस महिला से देवर ने शादी रचा ली उसका नाम रेखा देवी है। रेखा देवी घोषी प्रखंड के शाहपुर पंचायत के डहरपुर गांव की रहने वाली है। दो साल पहले उसके पति का निधन हो गया था। विधवा रेखा देवी अपने ससुराल में ही रह रही थी। जवान विधवा की हालत देख कर परिवार ही बल्कि पूरे गांव के लोग दुखी होते थे। इस दफे जब पंचायत चुनाव होने लगे तो आस पास के लोगों ने ही कहा कि वह वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ जाये। रेखा देवी चुनाव लड़ने को तैयार नहीं थी। लेकिन लोगों ने जब बहुत जोर डाला तो वह नामांकन करने को तैयार हो गई।
रेखा देवी के पंचायत में नामांकन का आज आखिरी दिन था। वह प्रखंड कार्यालय में अपने गांव के लोगों के साथ नामांकन करने पहुंची। नामांकन करके जैसे ही बाहर निकली उसके देवर ने अपनी भाभी की मांग में सिंदूर भर दिया। आस-पास के लोगों ने पहले ताली बजाकर इसका स्वागत किया और फिर दोनों को आशीर्वाद दिया।

विधवा महिला की शादी से उसके ससुर वीरेंद्र प्रसाद भी काफी खुश थे। उन्होंने कहा कि घर में विधवा बहू को देख कर उन्हें बहुत कष्ट होता था। अब जब उनके बेटे ने अपनी मर्जी से विधवा भाभी से शादी कर ली तो उन्हें बहुत तसल्ली मिली है। बहू को फिर से पति मिल गया है औऱ बेटे को पत्नी मिल गई है। 
उधर गांव में भी खबर फैल गई। दोनों जब तक प्रखंड कार्यालय से लौट कर आते तब तक गांव की महिलाओं ने उनके स्वागत का इंतजाम कर लिया था। महिलाओं ने मंगल गीत गाते हुए गांव में दोनों का स्वागत किया।