बिहारशरीफ : मारपीट के आरोपी किशोर का था जन्मदिन, जज ने कर दिया दोषमुक्त

बिहारशरीफ : मारपीट के आरोपी किशोर का था जन्मदिन, जज ने कर दिया दोषमुक्त

बिहारशरीफ । मानवता और विधि विरूद्ध किशोर में सुधार लाने के उद्देश्य से कई चर्चित फैसले देने वाले किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी मानवेन्द्र मिश्रा ने एक और फैसला सुनाते हुए मारपीट के आरोपी किशोर को उसके जन्मदिन पर बरी करते हुए दोषमुक्त कर दिया है। सोमवार को आरोपी किशोर अपनी मां के साथ जेजेबी में हाजिर हुआ था। जज से उसने कहा कि आज उसका जन्मदिन है और वह 18 वर्ष का हो गया है। मन लगाकर काम कर रहा है। किसी भी तरह की अपराधिक गतिविधि में वह शामिल नहीं है। किशोर की मां ने भी जज से अनुरोध किया कि आज उसके बेटे का जन्मदिन है। बेटा को इस आपराधिक जांच कार्यवाही से मुक्त कर दिया जाये। मामला 30 मई 20 को दर्ज हुआ था और जेजेबी में 14 अगस्त 20 को आया था। 2 सितम्बर 20 को उसे जमानत मिली थी। करीब 7 माह होने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई अंतिम रिपोर्ट जेजेबी में नहीं दी गयी थी। किशोर पर इसके अलावा कोई अन्य मामला भी नहीं चल रहा है। जिसे देखते हुए जज ने किशोर को जन्मदिन का उपहार देते हुए मुकदमे से आरोपमुक्त कर दिया। अपने फैसले में जज ने कहा है कि किशोर एक मेहनती युवा है। अपने परिवार के पालन पोषण के लिए दवा दुकान में नौकरी कर रहा है। उसके उज्जवल भविष्य को देखते हुए अग्रिम जांच कार्यवाही करते हुए दोषमुक्त किया जाता है।

दवा दुकान में करता है काम
मामला बिहार थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पड़ोसी से किशोर की मां का झगड़ा हुआ था। दोनों के बीच गाली-गलौज व मारपीट हुई थी। किशोर अपनी मां को बचाने गया था तो उसे भी पिटा गया। आत्मरक्षा में उसने भी एक दो मुक्का चलाया जा सूचक की मां को लगा था। इसी बात को लेकर पड़ोसी द्वारा किशोर और उसके परिवार पर केस कर दिया गया था। घटना के समय किशोर की उम्र करीब 17 वर्ष थी। फिलहाल किशोर इंटर पास कर दवा की एक दुकान में काम कर रहा है।

तारीख पर आने पर दुकानदार कटता था वेतन
किशोर जिस दवा की दुकान में काम करता था वहां से जेजेबी में आने के लिए छुट्टी लेने पर उसके वेतन में एक दिन के राशि की कटौती होती थी। जेजेबी में भी उसने कहा कि मुकदमे की तारीख पर आने-जाने से होने वाली वेतन कटौती का असर उसके परिवार के जीविकोपार्जन पर पड़ता है। जज ने इस परेशानी को भी समझा और मानवीय आधार पर फैसला सुनाया।