पुलिस के हत्थे चढ़ा महनार नाबालिग छात्रा मर्डर केस का आरोपी, भीड़ ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

पुलिस के हत्थे चढ़ा महनार नाबालिग छात्रा मर्डर केस का आरोपी, भीड़ ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

हाजीपुर । महनार थाना के करनौती गांव में 15 सितंबर को हुए 14 वर्षीया नाबालिग स्कूली छात्रा के साथ कथित रेप के बाद नृशंस हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस का टेक्निकल व मैन्युअल इन्वेस्टीगेशन फेल हो गया। गांव के उत्साही युवक व बुद्धिजीवियों का प्रयास रंग लाया। पांच दिनों बाद भी पुलिस के हाथ खाली पाकर ग्रामीणों के एक समूह ने अपने स्तर से तफ्तीश शुरू कर एक दरिंदे को ढूंढ निकाला। आरोपी के पकड में आने की खबर मिलते ही हजारों की भीड़ उस पर टूट पड़े। हालांकि बडी संख्या में गांव के लोग आरोपी को क्रुद्ध भीड़ से बचाने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस के लाठी चार्ज के बाद भी भीड़ बेकाबू हो गई। आखिरकार छात्रा के पिता ने पुलिस जीप की छत पर चढ़कर माइक पर अपील कर लोगों को शांत किया। पकड़े गए आरोपी की निशानदेही पर चौंर के गहरे पानी में डूबोए गए छात्रा की साइकिल व बैग भी ग्रामीणों ने ही बरामद कर पुलिस को सौंपा है। एसपी खुद मौके पर पहुंच कर पुलिस अभिरक्षा में रखे गए आरोपी को हाजीपुर ले गए।

पुलिस से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा था, तब लोगों ने बनाया समूह
ग्रामीणों का कहना है कि वारदात के पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस खाली हाथ थी। पूछने पर बताया जा रहा था कि पुलिस खुलासे के करीब पहुंच चुकी है। टेक्निकल व मैन्युअली इन्वेस्टीगेशन किए जा रहे हैं। मृतका के पिता उमाशंकर पुलिस के आश्वासन से संतुष्ट थे पर ग्रामीण पुलिस के दावे पर एकीन नहीं कर पा रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि बच्ची के साथ रेप व हत्या में शामिल हत्यारे हाईटेक नहीं बल्कि साधारण व विकृत मानसिकता वाले गांव और आसपास के युवक होंगे। मोबाईल टावर डंपिंग, लोकेशन ट्रैस से कुछ भी हासिल नहीं होने वाला नहीं है। बताया गया कि पुलिस को अपने तरीके से काम करने दिया गया इधर गांव के युवकों की टोली कांड में शामिल अपराधियों को ढूंढ़ निकालने का संकल्प लेकर तलाश में जी-जान से जुट गए। सबसे पहले पता लगाया गया कि गांव के कौन-कौन युवक फरार हैं। बच्ची की हत्या के बाद से न केवल गांव और आसपास बल्कि पड़ोसी प्रखंड व अन्य जिले से सैंकड़ों की संख्या में छात्र युवक, सोशल वर्कर करनौती पहुंच रहे थे।

कांड को अंजाम दे मोहिउद्दीननगर भाग गया था आरोपी 
युवाओं की टोली चारों ओर फैल कर आरोपी दसरथ मांझी का पता लगाने में जुटे थे। इसी दौरान पता चला कि वह मोहिउद्दीननगर भाग कर चला गया है। किसी अन्य राज्य में भागने की फिराक में है। पैसे, कपड़े आदि घर से मंगाने के लिए वह महनार के अबदुल्ला चौक आएगा। सूचना मिलने के बाद तलाश में जुटे युवकों के अलावा बड़ी संख्या में गांव के लोग महनार थाना क्षेत्र के अब्दुल्ला चौक के आसपास गुप्त रूप से फैल गए। जैसे ही दशरथ मांझी पहुंचा लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश की। लोगों को देखकर वह भागा और भागकर पहले नदी में कूदा और वहां से निकल कर एक मकई के खेत में घुस गया। लोग उसका लगातार पीछा करते रहे। वह भागते-भागते सिमरा गांव के निकट पहुंचा जहां कुछ लोग जब उसे पकड़ने का प्रयास किया तो उसने अपने पास कट्टा होने की बात कही। उसने लोगों को धमकाया कि वह गोली चला देगा। लेकिन, लोगों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा।