पति के साथ हुए विवाद में नवविवाहिता ने नहर में कूदकर दी जान

पति के साथ हुए विवाद में नवविवाहिता ने नहर में कूदकर दी जान

अररिया । पति-पत्नी के बीच हुए मारपीट एवं विवाद के मद्देनजर नवविवाहिता के नहर में कूद कर जान दे दी। यह घटना थाना क्षेत्र के टेढ़ी मुसहरी के समीप झरना पुल के समीप की बताई गई है। मृतका का नाम खुशबू कुमारी बताया गया है जो हरिपुर वार्ड संख्या नो निवासी सुरेन पासवान की पुत्री थी। प्रेम प्रसंग में मृतका की शादी गांव के ही विशाल कुमार पासवान के साथ विगत दो जून को पंचों एवं प्रशासन की मौजूदगी में थाना परिसर स्थित मंदिर में हुई थी। हालांकि शादी को लेकर दोनों के परिजनों के बीच काफी जद्दोजहद की स्थिति बनी थी। जहां पुलिस को आवेदन भी सौंपा गया था। इधर घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों एवं ग्रामीणों के सहयोग से शव को नहर के गहरे पानी से बाहर निकाला। जहां शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। समाचार प्रेषण तक मृतका का पति फरार बताया गया है। फिलहाल पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुट गई है।

शादी के बाद से ही चल रहा था दोनों में अनबन

घटना के संबंध में मृतका की नानी ने बताया कि प्रेम प्रसंग में हुई शादी के बाद से ही दोनों के बीच काफी अनबन होता रहता था। साथ ही मृतका के ससुराल वाले एवं पति विशाल भी नाराज रहता था। जिसके चलते मृतका खुशबू को प्रताड़ित करने के साथ साथ मारपीट की घटना होती रहती थी। नानी के अनुसार सोमवार को पति विशाल के साथ झगड़ा हुआ था। जिसके बाद खुशबू हरिपुर स्थित ससुराल से भागकर झरना पुल स्थित बड़ी नहर के पास पहुँच गई। जहां मोबाइल से बात करने के दौरान वह नहर में कूद गई। कूदने की घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण खोजबीन में जुट गए। जहां काफी समय तक शव का कोई अता पता नहीं चला। जिसके बाद मंगलवार को स्थानीय लोगों एवं गोताखोरों के सहयोग से शव को गहरे पानी से बाहर निकाला गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों,मृतका के परिजन सहित थानाध्यक्ष निर्मल कुमार यादवेंदु,परवाहा कैम्प प्रभारी विश्वमोहन पासवान, दारोगा राजेश भारती सहित पुलिस बल मौजूद थे। मामले की पुष्टि करते हुए थानाध्यक्ष ने पति - पत्नी के बीच हुए विवाद में नवविवाहिता के द्वारा नहर में कूद कर जान देने की बात कही। उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के साथ ही पीड़ित परिजन द्वारा आवेदन नही देने की बात कही।