दरभंगा पेट्रोल कांड में हंसता खेलता परिवार हो गया बर्बाद, तीन मौतें हुईं, 2 लोग हुए दिव्यांग

दरभंगा पेट्रोल कांड में हंसता खेलता परिवार हो गया बर्बाद, तीन मौतें हुईं, 2 लोग हुए दिव्यांग

दरभंगा । पेट्रोल कांड में तीन मौतों के बाद बुधवार को दरभंगा बंद रहा। सड़क पर उतरकर विभिन्न संगठनों ने बाजार बंद कराया। पुलिस की नाकामी से भाई-बहन सहित गर्भ में पल रहे 8 माह के शिशु की भी मौत हो गई थी। इसके अलावा दो बहनें दिव्यांग होने की कगार पर हैं। पेट्रोल कांड में झुलसी निक्की और पूजा आज भी कहती हैं कि 9 तारीख की घटना को दरभंगा पुलिस संज्ञान में लेती तो आज पूरा परिवार बर्बाद होने से बच जाता। 
घटना का वीडियो प्रभारी एसएसपी के मोबाइल पर भेजा, जनता दरबार में मिलने गई, लेकिन सुरक्षात्मक पहल नहीं की गई। यही कारण है कि बदमाशों का हौसला बुलंद हुआ और वे हंसता-खेलता परिवार को निगल गए। पेट्रोल की आग से जली निक्की और पूजा का जख्म अभी भरा नहीं है। डॉक्टरों की मानें तो उनके जख्म की ड्रेसिंग समय-समय पर नहीं हुई तो ये दिव्यांग हो सकती हैं। निक्की झा का जख्म काफी गंभीर है, जबकि पूजा झा के पैर में सूजन होने लगा है। दोनों की हालत देख नगर थाना के इंस्पेक्टर इंचार्ज शशिकांत सिंह और विश्वविद्यालय थाना के इंस्पेक्टर इंचार्ज सत्य प्रकाश झा दोनों को लादकर कटलबाड़ी स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में बुधवार की दोपहर ले गए। वहां डॉक्टरों ने कहा- अब तो लापरवाही सही नहीं है। ऐसी स्थिति में पांव से चलना मुश्किल हो जाएगा। निक्की झा को हर दिन ड्रेसिंग और पूजा झा को एक दिन अल्टरनेट डे पर ड्रेसिंग करने की सलाह के बीच दवा दी गई। निक्की चलने लायक नहीं है। हालांकि घटना की रात उसकी मलहमपट्टी की गई थी मगर पूजा ने अपने परिवार के गम में इधर ध्यान ही नहीं दिया। पूजा को सहारा देकर पुलिस ने गाड़ी में बैठाया गया। आक्रोशित लोगों ने जख्मियों को पहुंचाने आई पुलिस कार को ही लौटने समय कुछ देर के लिए गली में घेर दिया।

सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने घटनास्थल का दौरा कर पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह अमानवीय और अत्यंत पीड़ा दायक घटना है। इस घटना में संलिप्त किसी भी लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, इसकी सीबीआई जांच हो। सांसद डॉ. ठाकुर ने घटनास्थल से ही बिहार के डीजीपी से दूरभाष पर बात कर घटना की जानकारी देते हुए मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई करने को कहा हैं। उन्होंने मामले में एसटीएफ टीम बनाकर अविलंब सभी दोषियों को गिरफ्तार करने एवं मामले में जिन-जिन पुलिसकर्मियों द्वारा उदासीनता बरता गया है, उसे अविलंब निलंबित कर उस पर कार्रवाई करने को कहा। डीजीपी से मामले में सीबीआई जांच कराने का भी मांग की। उन्होंने पीड़ित परिवार को समुचित मुआवजा देने, भरण पोषण के लिए सरकारी नौकरी एवं भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसको देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की। डीजीपी बिहार द्वारा सांसद को जानकारी दी गई कि मामले में अभी तक 8 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मुख्य अपराधी की धरपकड़ जारी है। डीजीपी स्वयं घटना की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।