डॉ. मोनिका रानी निकली कालाबाजारी, 12 रुपए की दवा को बेचा 400 में, डॉक्टर समेत तीन पर केस

डॉ. मोनिका रानी निकली कालाबाजारी, 12 रुपए की दवा को बेचा 400 में, डॉक्टर समेत तीन पर केस

दवा दुकानदार निखिल कुमार झा भाग निकला, दलाल निर्मल सिंह पकड़ाया गया
भागलपुर । भागलपुर में महादेव टॉकिज के पास एक क्लीनिक चलाने वाली डॉ. मोनिका रानी के दवा की कालाबाजारी में शामिल होने का प्रमाण शुक्रवार को मिला। वे अपने परिवार में दवा दुकानदार निखिल कुमार झा और बांका के रहने वाले एक दलाल निर्मल सिंह के साथ मरीजों को चूना लगा रही थीं। उन्होंने 12 रुपए की एक दवा के लिए 400 रुपए तक वसूल लिए। कोरोनाकाल में जहां लोग एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। उनकी परेशानी कम करने की कोशिश हो रही है, वहीं इस मौके का डॉ. मोनिका रानी ने फायदा उठाने की कोशिश की। इसकी शिकायत डीएम सुब्रत कुमार सेन से की गई तो तत्काल ड्रग डिपार्टमेंट की टीम ने क्लीनिक और क्लीनिक परिसर में चल रहे दवा दुकान कृष्णा मेडिको पर धावा बोला। कालाबाजारी के साक्ष्य भी मिले। तत्काल डॉ. मोनिका रानी, दवा दुकानदार निखिल कुमार झा और दलाल निर्मल सिंह पर केस दर्ज कराया

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका रानी ने एक मरीज को फोर्टबिल इंजेक्शन लिखा था। साथ ही उन्होंने कहा था कि दवा उनके परिसर में चल रही कृष्णा मेडिको से ही खरीदे। ड्रग इंस्पेक्टर दयानंद प्रसाद ने बताया, मरीज ने शिकायत की थी कि दवा खरीदने वह कृष्णा मेडिको गया। यहां दवा दुकानदार निखिल कुमार झा ने कहा, दवा नहीं मिलेगी। इसे ब्लैक में बाजार से खरीदना होगा। इसके लिए ज्यादा पैसे लगेंगे। मरीज तैयार हो गया।

निर्मल से पांच मिनट में ही मंगवा दी दवा

मरीज के तैयार होते ही बेइमान दवा दुकानदार निखिल कुमार झा की खुशी का ठिकाना न रहा। उसने तत्काल दलाल निर्मल सिंह से दवा मंगवा ली। महज पांच मिनट में ही मरीज के परिजन को फोर्टबिल इंजेक्शन दे भी दी। इसके बदले में उसने 400 रुपए लिए, जबकि दवा पर एमआरपी महज 12 रुपए लिखी थी। धूर्त दवा दुकानदार निखिल कुमार झा ने इस दवा का बिल भी परिजन को दिया। इस पर भी बकायदा 400 रुपए लिखा।

बिल रसीद की जांच में धराया मामला

ड्रग इंस्पेक्टर दयानंद प्रसाद ने बताया, जांच के दौरान दवा दुकानदार निखिल कुमार झा से पूछताछ की। वह मुकर गया, लेकिन जब बिल रसीद की जांच की तो 400 रुपए में दवा बेचने की पर्ची मिल गई। इस रसीद पर दुकानदार ने 400 रुपए को काटकर 10 रुपए लिख रखा था। इस बीच दवा दुकानदार निखिल कुमार झा फरार होने में कामयाब हो गया, जबकि दलाल निर्मल सिंह को पकड़ लिया गया।

डॉक्टर के पति मायागंज अस्पताल में हैं असिस्टेंट प्रोफेसर

महिला डॉ. मोनिका रानी के पति डॉ. अभिलेष कुमार मायागंज अस्पताल में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। जांच के दौरान वे डॉ. मोनिका रानी के चेंबर में बैठे थे। पूछताछ में जब जांच टीम ने उन्हें अलमारी खोलने को कहा तो उन्होंने बहानेबाजी की। अपनी धूर्त पत्नी को बचाने के लिए उन्होंने कहा, अलमारी की चाबी पत्नी के पास है। पत्नी को कोरोना हो गया है, इसलिए अभी चाबी मंगवाना भी संभव नहीं है।