जेल प्रशासन की लापरवाही से पिता को मुखाग्नि देने से वंचित रह गया गणेश

जेल प्रशासन की लापरवाही से पिता को मुखाग्नि देने से वंचित रह गया गणेश

कटिहार । कोर्ट के आदेश के बाद भी पुलिस और जेल प्रशासन की लापरवाही से एक बेटा पिता को मुखाग्नि देने से वंचित रह गया। मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भोराबाड़ी का है। 2 सितंबर को एक रिक्शा चालक शिव नारायण मंडल (63 वर्ष) का निधन हो गया। बड़ा बेटा उमेश मंडल चेन्नई में रहता है और छोटा गणेश मंडल शराब तस्करी मामले में जेल में बंद है। परिजन और गांव के लोगों ने अधिवक्ता संजय सिंह के साथ कोर्ट में आवेदन देकर जेल में बंद बेटे से पिता को मुखाग्नि दिलवाने की गुहार लगाई। कोर्ट ने मामले में जेल प्रशासन को दोपहर 12 बजे कुछ देर के लिए दाह संस्कार स्थल पर ले जाने के लिए आदेश दिया। 
लेकिन पुलिस उसे रात के 10 बजे में लेकर पहुंची। दिन भर गणेश की इंतजार के बाद बड़े बेटे उमेश मंडल का पुत्र से मुखाग्नि दिलाई गई। पड़ोसी प्रमोद कुमार ने बताया कि इस तरह कोर्ट के आदेश को भी नहीं मानना पुलिस और जेल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है।

तस्करों ने गणेश की गाड़ी में रख दी थी शराब
गणेश चेन्नई में रहता है। छोटा बेटा गणेश मंडल शराब तस्करी के मामले में जेल में बंद है। गणेश साइलो में ड्राइवर था। किसी कारणवश उसे निकाल दिया गया। बेरोजगार गणेश ने एक सप्ताह पहले ही स्कॉर्पियो लेकर बंगाल गया। जहां शराब तस्करी से जुड़े तस्करों ने गाड़ी में शराब रख ली। लेकिन बलिया बेलोन पुलिस ने पकड़ जेल भेज दी।
पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री सह राजद नेता रामप्रकाश महतो परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि कटिहार पुलिस ने न्यायालय की अवहेलना की है। गणेश अपने पिता के अंतिम दर्शन से वंचित रह गया। अब इस मामले की शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री से लिखित रूप में की है। निश्चित तौर पर हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार मुखाग्नि देने की परंपरा है।
पुलिस स्कॉर्ट नहीं होने के कारण लेट हो गया
कोर्ट से दोपहर 12 बजे नोटिस मिला, प्रकिया पूरी करने के बाद दोपहर के 1 बजे जाने का आदेश दिया गया। लेकिन पुलिस स्कॉर्ट नहीं होने की वजह से 8 बजे भेजा गया। 10 बजे पहुंचने की जानकारी हमें नहीं है।
-विपिन कुमार, जेल अधीक्षक