जमीन बिक्री का डेढ़ करोड़ रुपए बकाया वसूली करने दरभंगा से आए युवक की रेलवे ट्रैक किनारे मिली लाश

जमीन बिक्री का डेढ़ करोड़ रुपए बकाया वसूली करने दरभंगा से आए युवक की रेलवे ट्रैक किनारे मिली लाश

समस्तीपुर । मुफस्सिल थाने के शंभूपट्टी रेलवे गुमटी के पास रविवार रात एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक की पहचान शहर के भूईधारा गांव के रॉबिंस ठाकुर के पुत्र दिव्यांशु रंजन उर्फ छोटू (22)के रूप में की गयी है। वह इन दिनों दरभंगा के लहेरियासराय के पास परिवार के साथ रहता था। घटना की सूचना पर मुफस्सिल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। इस मामले में मृतक के बड़े भाई प्रियांशु रंजन के बयान पर साजिश के तहत हत्या की नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई है। एसपी डॉ. मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि युवक की किसी ट्रेन से धक्का लगने के कारण मौत की बात सामने आई है। परिवार वालों ने साजिश के तहत बकाया राशि गबन करने के लिए हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस सभी बिन्दुओं पर जांच कर रही है। दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।  
सुजीत करीब छह महीने से पैसे के लिए दौड़ा रहा था
घटना के संबंध में बताया गया है कि दिव्यांशु ने भूईधारा की जमीन बाइक कारोबारी अभिजीत आनंद उर्फ सुजीत से बिक्री की थी। जमीन बिक्री का करीब डेढ़ करोड़ रुपए बकाया था। मृतक के भाई प्रियांशु के अनुसार दिव्यांशु उक्त राशि लेने के लिए नौ अक्टूबर को सुजीत के यहां आया था। सुजीत करीब छह महीने से पैसे के लिए दौड़ा रहा था। परिजनों ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि सुजीत के घर पर उस समय मूसापुर का शिवशंकर राय, काशीपुर का विकास सिंह, वारिसनगर का ब्रह्मदेपव राय, खानपुर का घनश्याम कुमार ईश्वर व नरघोघी का चंदन कुमार बैठा हुआ था। सभी इन दिनों आदर्शनगर में ही रहते हैं। आरोप है कि सभी अपराधी प्रवृत्ति के हैं। आरोप है कि वहां पर सुजीत ने धमकी दी थी कि अब दोबारा पैसा मांगने नहीं आना, नहीं तो मांगने लायक नहीं रहोगे। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी भी हुई थी। 

कहासुनी के बाद दिव्यांशु मित्र के यहां चला गया
प्राथमिकी में आरोप है कि सुजीत द्वारा धमकी दिए जाने के बाद दिव्यांशु मुफस्सिल थाने के शंभूपट्टी गांव स्थित अपने मित्र हिमांशु के घर चला गया। शनिवार रात वहीं रहा। रविवार को भी दिन भर मित्र के यहां ही रहा। इसी बीच रविवार 10 अक्टूबर की शाम करीब आठ बजे हिमांशु के घर एक अज्ञात व्यक्ति दिव्यांशु से मिलने आया। उसने कहा कि सुजीत बकाया राशि देने के लिए बुला रहा है। इस पर दिव्यांशु उसके साथ चला गया। उसके बाद उसका शव रेलवे ट्रैक के किनारे मिला। 
प्राथमिकी दर्ज करने में पुलिस कर रही थी टालमटोल
परिजनों का आरोप है कि देर रात उन्हें दिव्यांशु के मौत की सूचना मिली। परिवार के लोग समस्तीपुर पहुंचे तो मुफस्सिल पुलिस ने कहा यह ट्रेन दुर्घटना का मामला है। जीआरपी में जाओ। जब परिवार के लोग जीआरपी पहुंचे तो परिजनों को बताया कि घटना स्थल मुफस्सिल थाने का है। पुन: परिजन मुफस्सिल थाने पहुंचे। तब जाकर दिन में प्राथमिकी दर्ज की गई। 
दिव्यांशु के मोबाइल में नहीं मिला सिम
दिव्यांशु का पर्स व मोबाइल रेलवे ट्रैक किनारे मिला है, जिन्हें पुलिस ने जब्त किया है। बताया गया है कि दिव्यांशु के बरामद मोबाइल में सिम नहीं है। माना जा रहा है कि हत्या से पूर्व साक्ष्य को मिटाने के लिए सिम को गायब कर दिया गया है। आदर्शनगर व मोहनपुर में जमीन के कारोबार को लेकर अबतक आधा दर्जन से अधिक लोगों की हत्या हो चुकी है। आए दिन गोलीबारी की भी घटना होती रहती है। चर्चा है कि पुलिस के संरक्षण में मोहनपुर व आसपास के इलाके मंत जमीन धंधेबाजों का बड़ा रैकेट सक्रिय है।