छपरा में मेला देखकर घर लौट रही किशोरी से गैंगरेप

छपरा में मेला देखकर घर लौट रही किशोरी से गैंगरेप

छपरा । मढ़ौरा थाना क्षेत्र के विक्टोरिया बाजार में एक किशोरी के साथ गैंग रेप की घटना सामने आई है। विजय दशमी की देर रात दुर्गा पूजा का मेला देखकर घर लौट रही एक 15 वर्षीय किशोरी को दो युवकों ने चाकू के दम पर पहले अगवा कर लिया । बाद में उसे सुनसान मूंजवानी में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। रेप के बाद पहचान छुपाने के लिए आरोपी युवकों ने किशोरी का हत्या कर देने का भी प्रयास किया । किशोरी के गिड़गिड़ाने पर किसी को नही बताने की धमकी देते हुए युवक फरार हो गए। किसी तरह घर पहुंचने के बाद किशोरी ने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। पीड़िता की मां नहीं है तो उसने पहले पड़ोस की औरतों को घटना के बारे में बताया। बाद में बात फैल गयी और घटना के सामने आने पर गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपी युवक अरमान मियां को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दूसरा आरोपी देवनाथ राय का पुत्र मुन्ना राय फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है। 
भूंजा खरीदने गई थी किशोरी
घटना को लेकर किशोरी ने बताया कि वह विजयदशमी को विक्टोरिया बाजार पर दुर्गा पूजा मेला देखने गयी थी। उसके साथ गांव की अन्य लड़कियां भी थी। रात के सवा ग्यारह बजे के करीब वह सभी घर लौट रही थी । इसी दौरान वह अकेले भूंजा खरीदने के लिए चली गयी । तभी एक गुमटी के पीछे छिपे दो युवकों ने उसे दबोच लिया और उसका मुंह गमछी से बांध कर गले पर चाकू रख दिया । दोनों उसे खेत की तरफ ले गए और बारी बारी से उसके साथ गलत काम किया।
आरोपी को छुड़ाने थाना गए पूर्व मुखिया व सरपंच
पुलिस ने आरोपी अरमान को गिरफ्तार किया है। वहीं पीड़िता का मेडिकल कराया है जिसमें सामूहिक रेप की पुष्टि हुई है। आरोपी के गिरफ्तारी के बाद पड़ोसी पंचायत के पूर्व मुखिया और सरपंच थाना पहुंच गए। दोनों पीड़िता व परिजन से केस नहीं कराने व मामला सलट लेने का दबाब बनाने लगे।
पीड़िता ने कहा -दोनों  को मिले कठोर सजा
घटना को लेकर पीड़िता ने कहा कि आरोपी दोनों युवकों को कठोर सजा मिलनी चाहिए। पीड़िता इस बात पर अड़ी रही, पीड़िता ने कहा कि उन्हें ऐसी सजा मिले की वे दुबारा ऐसी गलती का सोच भी नहीं सके और दूसरे के मन में भी भय बने। पीड़िता का यह जिद प्राथमिकी का कारण बना।
गरीब मजदूर पिता थाने में दिखा बेबस
अत्यंत गरीब परिवार से आने वाला पीड़िता का पिता थाना में बेबस दिखा। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले पिता की बेटी के साथ इतनी बड़ी हैवानियत के बाद पंचायत प्रतिनिधि उस पर केस दर्ज नहीं कराने का दबाव दे रहे थे। इस दबाव से पीड़िता का पिता डर और असमंजस में रहा।